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दिसोम सोहराय पोरोब 2026 ᱫᱤᱥᱚᱢ ᱥᱚᱦᱨᱟᱭ ᱯᱚᱨᱚᱵ ᱒᱐᱒᱖

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एसपी कॉलेज दुमका में बहनों और दोस्तों संग का कुछ यादगार तस्वीरें। ᱮᱥᱯᱤ ᱠᱚᱞᱮᱡ ᱫᱩᱢᱠᱟ ᱨᱮ ᱵᱚᱭᱦᱟ ᱠᱩᱲᱤ ᱟᱨ ᱜᱟᱛᱮ ᱠᱚ ᱥᱟᱶ ᱨᱮᱭᱟᱜ ᱩᱭᱦᱟᱹᱨᱚᱜ ᱞᱮᱠᱟᱱ ᱪᱤᱛᱟᱹᱨ ᱠᱚ

शिक्षकों द्वारा ओल चिकी लिपि के विरोध पर परसी आरीचली मरांङ बुरू आखडा़ ने कड़ा विरोध जताया। (संताल परगना)

 प्रेस रिलीज         दिनांकः24-01-2025 *शिक्षको दुवारा ओलचिकी लिपि के  विरोध पर परसी आरीचली मारांबुरु आखड़ा ने कड़ा विरोध जताया*  दुमका : एसकेएमयू के शिक्षको दुवारा संताल आदिवासी के ओलचिकी लिपि का विरोध करने पर संताल परगाना महाविद्यालय के परिसर में आरीचली मारांबुरु आखड़ा के बैनर तले छात्रों और समाजसेवियों ने बैठक किया और इन शिक्षको पर कड़ा एतराज व्यक्त किया.ज्ञात हो कि झारखण्ड केन्द्रीय विश्वविद्यालय,रांची में 20-21 जनवरी को “आथर वर्कशाप ऑन एकेडमिक राइटिंग टू डेवलप टैक्स बुक फॉर हायर एजुकेशन इन भारतीय लैंग्वेज संताली” पर कार्यशाला रखा गया था. जिसमे एसकेएमयू के संताली विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ सुशील टुडू,डॉ शर्मिला सोरेन,निर्मल मुर्मू ,डॉ अंजुला मुर्मू,डॉ स्वपन मुर्मू,मनोज मुर्मू ,सुमित्रा हेम्ब्रम आदि  ने ओलचिकी लिपि को लेकर विरोध किया और चेताया कि यदि ओलचिकी लिपि को बढ़ावा दिया जाता है तो आन्दोलन किया जायेगा. इसको लेकर छात्र,समाजसेवी और अखड़ा काफी नाराज और गुस्से में है. अखड़ा का कहना है कि ये सभी शिक्षक ओलचिकी लिपि का विरोध कर मुख्य उद्देश्य से भ...

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 *ᱟᱛᱟᱝ ᱫᱟᱨᱟᱢ ᱰᱤᱥᱚᱢ ᱥᱚᱦᱨᱟᱭ ᱯᱚᱨᱚᱵ ᱫᱤᱥᱚᱢ ᱢᱟᱸᱡᱷᱤ ᱛᱷᱱ ᱫᱩᱢᱠᱟ ᱨᱮ ᱚᱛᱚᱵᱮ ᱥᱟᱶᱛᱮ ᱢᱟᱱᱟᱣ ᱮᱱᱟ*    *ᱰᱩᱢᱠᱟ*    *ᱵᱭᱩᱨᱳ ᱨᱤᱯᱳᱨᱴ*   ᱕ ᱡᱟᱱᱣᱟᱨᱤ ᱥᱤᱸᱜᱤ ᱢᱟᱦᱟᱸ ᱦᱤᱞᱚᱜ ᱰᱤᱥᱚᱢ ᱢᱟᱱᱡᱷᱤ ᱛᱷᱟᱱ ᱫᱩᱢᱠᱟ ᱨᱮ ᱵᱤᱱᱤᱞᱟᱞ ᱴᱩᱰᱩ ᱰᱤᱥᱚᱢ ᱯᱟᱨᱟᱱᱤᱠ ᱟᱜ ᱢᱟᱹᱦᱤᱛ ᱛᱮ ᱟᱴᱟᱝ ᱫᱟᱨᱟᱢ ᱰᱤᱥᱚᱢ ᱥᱚᱦᱨᱟᱭ ᱯᱚᱨᱚᱵ ᱫᱚ ᱥᱚᱦᱚᱨ ᱥᱟᱶᱛᱮ ᱢᱟᱱᱟᱣ ᱞᱮᱱᱟ᱾  ᱱᱚᱶᱟ ᱚᱠᱛᱮ ᱨᱮ ᱫᱤᱥᱚᱢ ᱱᱟᱭᱟᱠᱤ ᱥᱤᱴᱟᱨᱟᱢ ᱥᱚᱨᱮᱱ ᱫᱚ ᱯᱩᱭᱞᱩ ᱵᱚᱸᱜᱟ ᱛᱟᱱᱰᱤ ᱨᱮ ᱢᱤᱫ ᱥᱤᱢ ᱵᱚᱸᱜᱟ ᱠᱚ ᱥᱟᱶᱛᱮ ᱥᱟᱱᱟᱢ ᱯᱩᱨᱩᱵ ᱵᱚᱸᱜᱟ ᱠᱚ ᱥᱟᱶ ᱢᱟᱨᱟᱝ ᱵᱩᱨᱩ, ᱡᱟᱦᱟᱨ ᱟᱭᱨᱟ, ᱜᱚᱥᱟᱭ ᱟᱭᱨᱟ ᱠᱚ ᱵᱷᱟᱵᱤ ᱠᱮᱫᱟ᱾   ᱚᱱᱟ ᱚᱠᱛᱚ ᱨᱮ ᱩᱱᱤ ᱞᱟᱹᱭ ᱠᱮᱫᱟᱭ ᱡᱮ ᱥᱚᱦᱨᱟᱭ ᱯᱚᱨᱚᱵ ᱫᱚ ᱕ ᱫᱤᱱ ᱞᱟᱹᱜᱤᱫ ᱠᱚ ᱢᱟᱱᱟᱣᱟ ᱾  ᱯᱟᱹᱦᱤᱞ ᱫᱤᱱ ᱫᱚ ᱩᱢ ᱢᱟᱱᱦᱟ, ᱫᱚᱥᱟᱨ ᱫᱤᱱ ᱫᱚ ᱵᱚᱝᱜᱟ ᱵᱩᱨᱩ ᱢᱟᱱᱦᱟ, ᱛᱮᱥᱟᱨ ᱫᱤᱱ ᱫᱚ ᱠᱩᱱᱴᱟᱣ ᱢᱟᱱᱦᱟ, ᱯᱚᱱᱟ ᱫᱤᱱ ᱫᱚ ᱡᱟᱞᱮ ᱢᱟᱱᱦᱟ ᱟᱨ ᱢᱚᱲᱮ ᱫᱤᱱ ᱫᱚ ᱦᱟᱠᱚ ᱠᱟᱴᱠᱚᱢ ᱢᱟᱱᱦᱟ ᱢᱮᱱᱛᱮ ᱵᱟᱰᱟᱭᱚᱜ ᱠᱟᱱᱟ᱾  ᱱᱚᱣᱟ ᱯᱚᱨᱚᱵ ᱫᱚ ᱥᱟᱱᱛᱟᱞ ᱟᱫᱤᱵᱟᱥᱤ ᱠᱚᱣᱟᱜ ᱡᱚᱛᱚ ᱠᱷᱚᱱ ᱢᱟᱨᱟᱝ ᱯᱚᱨᱚᱵ ᱠᱟᱱᱟ|  ᱚᱱᱟᱛᱮ ᱱᱚᱣᱟ ᱫᱚ ᱦᱟᱛᱤ ​​ᱞᱮᱠᱟᱱ ᱯᱚᱨᱚᱵ ᱦᱚᱸ ᱠᱚ ᱢᱮᱛᱟᱜᱼᱟ ᱾  ᱱᱚᱣᱟ ᱥᱟᱹᱜᱩᱱ ᱨᱮ ᱯᱮᱲᱟ ᱞᱮᱠᱟᱛᱮ ᱢᱟᱱᱚᱛᱟᱱ ᱥᱤᱣᱟ ᱵᱟᱥᱠᱤ, ᱫᱤᱞᱤᱯ ᱵᱟᱥᱠᱤ, ᱟᱢᱤᱛᱟᱵᱷ ᱥᱚᱨᱮᱱ ᱠᱚ ᱥᱮᱞᱮᱫ ᱛᱟᱦᱮᱸ ᱠᱟᱱᱟ ᱠᱚ ᱾  ᱥᱩᱨᱮᱥ ᱪᱟᱱᱫᱨᱟ ᱥᱚᱨᱮᱱ, ᱴᱮᱠᱞᱟᱞ ᱢᱟᱨᱟᱱᱰᱤ, ᱵᱤᱱᱤᱞᱟᱞ ᱴᱩᱰᱩ, ᱞ...

अनुच्छेद -13 (मूल अधिकार)

 मूल अधिकार से असंगत जो भी कानून है। उसके बारे में आपको बताता है आर्टिकल 13 इसमें बात किया जाए तो इसमें कानून का उल्लेख करता है। शासन प्रणाली के बारे में बताता है आर्टिकल 13 में दो तरह का शासन प्रणाली को बताता है मतलब कि यहां पर ही जुडिशल और नॉन ज्यूडिशियल दोनों का व्यवस्था के बारे में उल्लेख किया गया है बताया गया है आर्टिकल 13 को आप समझने का प्रयास करते हैं इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले भारत के राज्य क्षेत्र में प्रवेश सभी विधियां उस मात्र तक शुन्य होगी जिस तक वह इस भाग के बंधों से असंगत होगी यह बोलता है आर्टिकल 13(1) में जो हम बोले अभी पास तरह के कानून का उल्लेख करता है तो पांच तरह के कानून में पहले आपका कानून जो होता है प्रावित विधि प्री कांस्टीट्यूशनल लॉ मतलब की संविधान जब लागू हुआ था देश में 26 जनवरी 1950 उससे पहले के एक दिन पहले के कानून चाहे हजारों लाखों करोड़ों वर्ष पहले उसके बारे में उल्लेख करता है आपका प्रावित विधियां आर्टिकल 13 खंड 1 में स्पष्ट रूप से बोल क्या गया है वह यहां पर बोला गया है कि संविधान प्रारंभ होने से पहले मतलब की 26 जनवरी 1950 से पहले प्राइवेट सभी विद...
सूचना का अधिकार (Right to Information):-  एक मौलिक अधिकार है जो कि सूचना का अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) में उल्लेख किया गया है। यह अनुच्छेद नागरिकों को सूचना प्राप्त करने का अधिकार प्रदान करता है। अनुच्छेद 19(1)(ए) के अनुसार: "सभी नागरिकों को वाक् और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार होगा, जिसमें सूचना प्राप्त करने और प्रसार करने का अधिकार भी शामिल है।" इसके अलावा, सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 भी है, जो सूचना के अधिकार को विस्तार से बताता है और इसके कार्यान्वयन के लिए एक तंत्र प्रदान करता है। जो नागरिकों को सरकारी सूचनाओं तक पहुंच प्रदान करता है। यह अधिकार नागरिकों को यह जानने का अधिकार देता है कि सरकार कैसे काम करती है, सरकार के निर्णय कैसे लिए जाते हैं, और सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अधिकार। सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 भारत में सूचना का अधिकार प्रदान करने वाला एक कानून है। इस अधिनियम के तहत, नागरिकों को सरकारी सूचनाओं तक पहुंच प्रदान की जाती है, जिसमें शामिल हैं: 1. सरकारी दस्तावेज़ और रिकॉर्ड 2. सरकारी योजनाओं और कार...